कांग्रेस ने असम से किया Experiment, क्या NDA के किले में लगेगी दरार?

Lee Chang (North East Expert)
Lee Chang (North East Expert)

देश के कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने अपनी पारंपरिक प्रक्रिया शुरू कर दी है—Screening Committees का गठन। यह कोई नई बात नहीं है, लेकिन असम के मामले में कांग्रेस ने इतिहास रच दिया है

पहली बार गांधी परिवार से किसी नेता को किसी राज्य की Screening Committee का अध्यक्ष बनाया गया है, और वो हैं Priyanka Gandhi

Screening Committee का Power Centre

Screening Committee का काम सिर्फ नाम छांटना नहीं होता, बल्कि वही तय करती है कि कौन चुनाव लड़ेगा। किस सीट से कौन फिट बैठेगा और किसे 1, 2 या 3 नंबर की प्राथमिकता मिलेगी। Final फैसला भले ही Central Election Committee का हो, लेकिन असली filtering यहीं होती है।
यानी साफ शब्दों में—ticket की चाबी अब Priyanka के हाथ में है।

Imran Masood Factor: बयान से टीम तक

इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प twist हैं Imran Masood। वही इमरान मसूद, जिन्होंने कुछ दिन पहले कहा था— “Priyanka Gandhi को PM बनाइए, वो इंदिरा गांधी की तरह बांग्लादेश को जवाब देंगी।”

बयान पर बवाल हुआ, सियासत गरमाई…और अब वही इमरान मसूद Priyanka Gandhi की Screening Committee का हिस्सा हैं।

Politics में इसे कहते हैं— Statement politics से Strategy politics तक का सफर।

Assam ही क्यों? Priyanka Gandhi को क्यों सौंपी गई जिम्मेदारी

सवाल बड़ा है—Assam ही क्यों?

इसके पीछे कई layers हैं- Gaurav Gogoi: युवा, articulate, Congress की नई पीढ़ी का चेहरा। Lok Sabha में Deputy Leader, Rahul Gandhi के बाद नंबर 2, पिता Tarun Gogoi, Assam के दिग्गज CM और 10 जनपथ के भरोसेमंद।

Priyanka Gandhi को यहां support system + political shield के तौर पर देखा जा रहा है।

Numbers Game: क्या NDA वाकई अजेय है?

पिछले चुनाव के आंकड़े बताते हैं कि कहानी उतनी one-sided नहीं है- NDA: 43.9% वोट, Mahajot (Congress गठबंधन): 42.3% वोट अंतर सिर्फ 1.6%.

Seats भले NDA के पास ज़्यादा हों, लेकिन vote share battle almost neck-to-neck थी।

NDA को चुनौती कितनी Realistic?

Short term में—मुश्किल
Long term में—मुमकिन

अगर INDIA गठबंधन मजबूत हो। सही उम्मीदवार चयन हो। भाई-भतीजावाद और money power पर brake लगे। तो Assam में NDA की नींद उड़ सकती है। और यहीं Priyanka Gandhi का रोल critical हो जाता है।

आरोप अब किस पर जाएंगे?

अब तक टिकट बंटवारे पर कांग्रेस पर आरोप लगते थे—“Paise do, ticket lo” अब सवाल है—Priyanka Gandhi के रहते ये आरोप कौन लगाएगा? यह जिम्मेदारी सिर्फ चुनाव जीतने की नहीं, बल्कि party credibility बचाने की भी है।

Priyanka Gandhi की बढ़ती भूमिका

Parliament में हालिया प्रदर्शन और अब Assam की जिम्मेदारी— यह सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि Priyanka Gandhi के political upgrade का signal है।

Congress शायद ये संदेश देना चाहती है— “Next leadership pipeline ready hai.”

Assam में Congress ने सिर्फ Screening Committee नहीं बनाई, एक political experiment लॉन्च किया है।

अब देखना दिलचस्प होगा— क्या यह experiment NDA के fortress में दरार डाल पाएगा या फिर यह भी एक missed opportunity बनकर रह जाएगा?

Assam will decide, but 2026 का mood अभी से set हो चुका है।

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